क्या ? किसानों को कृषि ऋण पर मिलेगी और बड़ी राहत

पटना // दिनांक 09.01.2026 किसानों को सस्ती दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने तथा उन्हें आधुनिक खेती की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बिहार सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कृषि मंत्री, बिहार राम कृपाल यादव की गरिमामयी उपस्थिति में कृषि विभाग एवं नाबार्ड के बीच 1 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत समझौता ज्ञापन (एम॰ओ॰यू॰) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह भी मौजदू थे। यह समझौता वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य के किसानों को अतिरिक्त ब्याज राहत प्रदान करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जिससे किसानों पर ऋण का बोझ कम होगा, संस्थागत ऋण की पहुंच बढ़ेगी तथा कृषि क्षेत्र में निवेश, उत्पादन और आय वृद्धि को नई गति मिलेगी।
कृषि विभाग की ओर से सौरभ सुमन यादव, कृषि निदेशक, बिहार, पटना, सुशील कुमार, संयुक्त निदेशक (सांख्यिकी), मुख्यालय, बिहार, पटना तथा वाशिद इकबाल, सहायक निदेशक (सांख्यिकी), बिहार, पटना द्वारा तथा नाबार्ड की ओर से भोला प्रसाद सिंह, उप महाप्रबंधक, विजय कुमार, सहायक महाप्रबंधक एवं सात्विक सत्यकाम देवता, सहायक प्रबंधक द्वारा समझौता ज्ञापन (एम॰ओ॰यू॰) पर विधिवत हस्ताक्षर किए गए।
भारत सरकार द्वारा कृषि ऋण पर 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान के अतिरिक्त राज्य स्कीम मद से 1 प्रतिशत ब्याज अनुदान देय है। राज्य के किसानों को वाणिज्यिक बैंको क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों/सहकारी बैंकों से 3 लाख रूपये तक फसल ऋण/किसान क्रेडिट कार्ड ऋण/अल्पावधि कृषि उत्पादन ऋण पर 1 प्रतिशत की दर से ब्याज अनुदान राज्य योजना मद से देने का प्रावधान किया गया है। योजना का लाभ उन्हीं किसानों को देय होगा जो निर्धारित अवधि में ऋण का भुगतान करेंगे।
इस योजना का उद्देश्य किसानों को कृषि ऋण पर लगने वाले ब्याज के बोझ को कम करना है ताकि किसान उत्साहित होकर अधिक-से-अधिक संस्थागत ऋण प्राप्त कर सके। इस कार्यक्रम के फलस्वरूप किसान आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाने के लिए बीज, उर्वरक, कीटनाशी, सिंचाई आदि में निवेश करने में सफल होंगे जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
नाबार्ड इस योजना के कार्यान्वयन हेतु राज्य एजेंसी नामित है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य सरकार द्वारा कृषि ऋण पर 1 प्रतिशत व्याज अनुदान हेतु 500.00 (पाँच करोड़ रूपये उपलब्ध कराया जा रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को खेती हेतु कृषि ऋण दिया जाता है।
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि 1 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना राज्य के किसानों के लिए आर्थिक संबल का कार्य करेगी और उन्हें समय पर संस्थागत ऋण प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगी। इस पहल से किसान उन्नत बीज, उर्वरक, सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण एवं नवीन तकनीकों में निवेश कर सकेंगे, जिससे उत्पादकता, गुणवत्ता और आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित होगी। नाबार्ड के सहयोग से योजना का प्रभावी क्रियान्वयन पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ किया जाएगा। यह समझौता बिहार सरकार की किसान हितैषी नीतियों, वित्तीय समावेशन तथा आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगा, जिससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्राप्त होगी और ग्रामीण समृद्धि को स्थायी आधार मिलेगा।

पटना से पारस नाथ की खबर!

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