राजधानी पटना में ठंड न्यूनतम तापमान में गिरावट।

बिहार 24 लाइव पटना// पारस नाथ की खास खबर।जिलाधिकारी ने निदेश दिया है कि शीतलहर की स्थिति में सभी अंचलाधिकारी प्रतिदिन दैनिक प्रतिवेदन विहित प्रपत्र में भेजना सुनिश्चित करेंगे।

जिलाधिकारी ने कहा कि पटना नगर निगम, पटना द्वारा शहरी क्षेत्रों में रिक्शा चालकों, दैनिक मजदूरों, असहायों, आवास विहीनों एवं सदृश्य श्रेणी के ऐसे गरीब निःसहाय व्यक्तियों के रहने हेतु रैन बसेरों (Night Shelters) की व्यवस्था की गई है।

वर्तमान में पटना नगर निगम द्वारा आश्रय विहीनों के लिए तीन प्रकार का कुल 26 रैन बसेरा तैयार किया गया है।

स्थायी एवं अस्थायी रैन बसेरों के साथ जर्मन हैंगर तकनीक द्वारा भी रैन बसेरा तैयार किया गया है। इसमें 06 स्थायी एवं 08 अस्थायी आश्रय स्थलों के साथ 12 जर्मन हैंगर शामिल है। इन रैन बसेरों में कुल 988 बेड की व्यवस्था है। ये सभी रैन बसेरा सार्वजनिक स्थलों यथा चौक-चौराहों, रेलवे स्टेशन तथा बस स्टैंड के नजदीक हैं। ज़िलाधिकारी ने कहा कि आवश्यकतानुसार रैन बसेरों एवं बेड की संख्या बढ़ाई भी जाएगी।

अधिकारियों को यह भी निदेश दिया गया है कि जहाँ रैन बसेरे उपलब्ध न हों, तो वहाँ जिले में उपलब्ध पॉलिथीन शीट्स, टेंट, तारपोलीन शीट्स का उपयोग कर आवश्यकतानुसार अस्थायी शरण स्थली बनायी जाए। रैन बसेरों एवं अस्थायी शरण स्थलों में पर्याप्त संख्या में कम्बल रखी जाय। रैन बसेरों एवं अस्थायी शरण स्थलों में सुरक्षा मानकों का विशेष रूप से ध्यान रखा जाय। शरण स्थली से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाय, ताकि जन सामान्य को इसकी पूर्ण जानकारी रहे तथा वे सरकार द्वारा एतद् संबंधी की गई व्यवस्था का पूरा लाभ उठा सकें तथा की गयी व्यवस्था का पर्यवेक्षण/अनुश्रवण हेतु पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की जाय। अपने स्तर से की गई व्यवस्था से संबंधित दैनिक प्रतिवेदन जिला आपदा प्रबंधन शाखा, पटना को उपलब्ध करायी जाए।

जिलाधिकारी द्वारा सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, पटना को शीतलहर की स्थिति में कंबल वितरण हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का निदेश दिया गया है। साथ ही सिविल सर्जन, पटना को शीतलहर/पाला के दरम्यान बच्चों, महिलाओं, वृद्ध व्यक्तियों सहित सभी लोगों के स्वास्थ्य के देखभाल हेतु पर्याप्त स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया है।

गौरतलब है कि सरकार द्वारा शीतलहर (Cold Wave)/पाला (Frost) को राज्य आपदा रिस्पांस कोष/राष्ट्रीय आपदा रिस्पांस कोष के अन्तर्गत सहाय्य मानदर के अनुरूप सहाय्य की देयता के लिए पूर्व में ही प्राकृतिक आपदा की श्रेणी में शामिल किया गया है। राज्य में सहाय्य मानदर लागू है।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निदेशों का दृढ़तापूर्वक अनुपालन सुनिश्चित करने का निदेश दिया है। उन्होंने कहा कि शीतलहर/पाला की स्थिति उत्पन्न होने पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर तथा प्रतिबद्ध रहें।

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