पटना : विश्व हिंदू परिषद के सेवा विभाग द्वारा संचालित संस्कारशाला के आचार्याओं हेतु आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का सफल समापन व्हाइट हाउस अपार्टमेंट, बंदर बगीचा में संपन्न हुआ।

विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के अंतर्गत समाज सेवा के अनेक कार्य संचालित होते हैं, जिनमें स्लम बस्तियों में नि:शुल्क चलने वाली संस्कारशाला एक महत्वपूर्ण सेवा-कार्य है। इन संस्कारशालाओं के माध्यम से बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, संस्कृति और राष्ट्रभाव की प्रेरणा दी जाती है।

इस प्रशिक्षण वर्ग में आचार्याओं को बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया गया। सत्रों में यह बताया गया कि बच्चों में पढ़ाई के साथ संस्कार क्यों आवश्यक हैं, परिवार में संस्कार कैसे विकसित किए जाएं, संस्कृति व परंपराओं का संरक्षण कैसे हो तथा हिंदू पर्व-त्योहारों के वैज्ञानिक महत्व को कैसे समझाकर बच्चों तक पहुँचाया जाए। इसके साथ ही आदर्श हिंदू परिवार की संकल्पना पर भी विशेष चर्चा की गई।
प्रशिक्षण सत्रों का संचालन संगठन के विभिन्न गणमान्यजनों द्वारा किया गया। विशेष रूप से विश्व हिंदू परिषद केंद्रीय प्रशिक्षक टोली की सदस्य श्रीमती सीमा सिंह दीदी ने विभिन्न सत्रों में उपस्थित आचार्याओं को दिशा-दर्शन प्रदान किया। इस वर्ग में सैकड़ों संस्कारशाला आचार्याओं की सक्रिय उपस्थिति रही।
समापन सत्र में अनुभव कथन
समापन सत्र में आचार्याओं द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए। संस्कारशाला आचार्यों ने कहा कि प्रशिक्षण में प्राप्त संस्कार सेवा, संस्कृति तथा पर्व-त्योहारों के वैज्ञानिक महत्व की जानकारी को वे अब अपनी-अपनी संस्कारशालाओं के बच्चों तक पहुँचाएंगे तथा बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपरा और धर्मबोध से जोड़ेंगे।
समापन सत्र में उपस्थित प्रमुख जन
समापन अवसर पर प्रमुख रूप से—
सीमा सिंह दीदी (सदस्य, केंद्रीय प्रशिक्षक टोली, विश्व हिंदू परिषद)
श्री संतोष सिसोदिया जी (प्रांत मंत्री, दक्षिण बिहार, विश्व हिंदू परिषद)
श्री सुग्रीव जी (प्रांत सेवा प्रमुख, दक्षिण बिहार)
पिंकी दीदी (प्रांत संयोजिका, दुर्गा वाहिनी)
सहित अन्य कार्यकर्ता एवं आचार्यगण उपस्थित रहे।
