विद्वता के साथ-साथ संस्कार तथा विनम्रता भी जरूरी :- विकास वैभव

बिहार 24 लाइव पटना // पारस नाथ की खबर !

पटना 9 जनवरी 2026 : बिरसा सेवा प्रकल्प के माध्यम से संचालित संस्कारशाला आचार्या प्रशिक्षण वर्ग का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया गया। जिसमें आचार्या का तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग जो दिनांक 08 जनवरी से 11 जनवरी 2026 तक चलेगा ।

इस प्रशिक्षण वर्ग का विधिवत उद्घाटन दिनांक 09 जनवरी 2026 को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास वैभव, संगठन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पद्मश्री डॉ. आर. एन. सिंह, केन्द्रीय सेवा टोली की सदस्य सह प्रशिक्षिका सीमा दीदी, पटना क्षेत्र के क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद जी एवं डॉ. वंदना तिवारी द्वारा दीप प्रज्वलन कर संयुक्त रूप से किया गया।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने कहा कि “विद्वता के साथ-साथ संस्कार भी अत्यंत आवश्यक हैं। संस्कारों से व्यक्ति का अहंकार समाप्त होता है और वह समाज व राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी बनता है।” उन्होंने भारतीय संस्कृति एवं प्राचीन गुरुकुल परंपरा की चर्चा करते हुए कहा कि संस्कारशाला जैसे प्रयासों से समाज को दिशा देने वाले अनेक श्रेष्ठ व्यक्तित्वों का निर्माण होगा। उन्होंने अंत में सभी से संगठित होकर राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया।
इसके पश्चात डॉ. आर. एन. सिंह ने अपने उद्बोधन में संस्कार का अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि बच्चों में संस्कारों का मूल स्रोत माता-पिता होते हैं तथा परिवार का वातावरण ही बच्चों के चरित्र का निर्माण करता है। उन्होंने कहा कि संस्कार संस्कृति से उत्पन्न होते हैं और बिरसा सेवा प्रकल्प द्वारा संचालित संस्कारशाला एवं अन्य सेवा कार्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम हैं।


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