पटना // पारस नाथ की खास खबर !
भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘मेक इन इंडिया’ अभियान देश को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसी अभियान की एक उत्कृष्ट मिसाल के रूप में भारतीय रेलवे ने भारत की पहली स्वदेशी अर्ध-उच्च गति (Semi High Speed Train) ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ किया। यह ट्रेन ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

वंदे भारत एक्सप्रेस : एक परिचय
वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई।
आज देशभर में 164 वंदे भारत सेवाएं संचालित हो रही हैं।
यह ट्रेनें देश के प्रमुख शहरों को जोड़ती हैं और 274 जिलों को कवर करती हैं।
वंदे भारत ने भारतीय रेल यात्रा को आधुनिक, तेज़ और सुविधाजनक बनाते हुए पूरी तरह से नया स्वरूप दिया है।
बिहार में वंदे भारत एक्सप्रेस

वंदे भारत एक्सप्रेस ने बिहार में रेल यात्रा को नई गति और सुविधा प्रदान की है।
बिहार की पहली वंदे भारत ट्रेन पटना–रांची रूट पर वर्ष 2023 में शुरू हुई।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर इसका उद्घाटन किया।
इसके बाद बिहार को कई अन्य वंदे भारत ट्रेनों की सौगात मिली, जो विभिन्न रूटों पर संचालित हैं।
लाखों यात्रियों ने इन ट्रेनों के माध्यम से तेज़, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव किया है।
मेंटेनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर : पाटलिपुत्र कोचिंग कॉम्प्लेक्स

पटना जिले के पाटलिपुत्र कोचिंग कॉम्प्लेक्स में ₹283 करोड़ की लागत से वंदे भारत ट्रेनों के लिए समर्पित रखरखाव केंद्र स्थापित किया जा रहा है। जुलाई 2025 में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका शिलान्यास किया गया।
मुख्य लाभ :54
वंदे भारत ट्रेनों के लिए विशेष मेंटेनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर
बेहतर ट्रेन प्रदर्शन और विश्वसनीयता
भविष्य के आधुनिक रेल संचालन के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं
यात्रियों के अनुभव

संतोष गुप्ता (नवगछिया–पटना):
“यात्रा बेहद आरामदायक रही। सीटों की सुविधा, ट्रेन की रफ्तार और आधुनिक सुविधाओं ने सफर को शानदार बना दिया।”
श्रीधर कुमार:
“अब पटना की यात्रा के लिए वंदे भारत को ही प्राथमिकता देता हूं। यह ट्रेन थकान-मुक्त और बेहद आरामदायक है।तेज़, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा – यही वंदे भारत एक्सप्रेस की पहचान है।”
बिहार से जुड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाएं:
पटना ↔ रांची
पटना ↔ हावड़ा
न्यू जलपाईगुड़ी ↔ पटना
पटना ↔ गोमती नगर (लखनऊ)
जोगबनी ↔ दानापुर
पाटलिपुत्र ↔ गोरखपुर
पटना ↔ टाटानगर
जमालपुर-भागलपुर ↔ हावड़ा
हावड़ा ↔ गया
देवघर ↔ वाराणसी ( बिहार में गया-सासाराम होते हुए)
रांची ↔ वाराणसी( बिहार में गया, सासाराम होते हुए)
न्यू जलपाईगुड़ी ↔हावड़ा (बिहार में किशनगंज होते हुए)
अत्याधुनिक सुविधाएं एवं सुरक्षा:
वंदे भारत ट्रेनें यात्रियों को विश्व-स्तरीय अनुभव प्रदान करती हैं। इनमें शामिल प्रमुख विशेषताएं—
कवच (KAVACH) सुरक्षा प्रणाली
160 किमी/घंटा तक की गति क्षमता
स्वचालित प्लग दरवाज़े
360-डिग्री घूमने वाली सीटें (एक्जीक्यूटिव क्लास)
आरामदायक, पीछे झुकने वाली सीटें
बायो-वैक्यूम शौचालय
दिव्यांगजनों के लिए सुलभ शौचालय
एकीकृत ब्रेल संकेतक
हर सीट पर मोबाइल चार्जिंग सुविधा
सीसीटीवी कैमरे, अग्निशामक यंत्र और आपातकालीन अलार्म
आपदा लाइटें और आपात खिड़कियां
ड्राइवर-गार्ड संवाद एवं वॉइस रिकॉर्डिंग सिस्टम
कोच और प्लेटफॉर्म निगरानी कैमरे
निष्कर्ष:
वंदे भारत एक्सप्रेस न केवल भारतीय रेलवे की तकनीकी क्षमता का प्रतीक है, बल्कि यह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की सोच को साकार करती हुई देश की आधुनिक परिवहन व्यवस्था का मजबूत आधार बन रही है। बिहार सहित पूरे देश में यह ट्रेन विकास, कनेक्टिविटी और यात्री सुविधा का नया अध्याय लिख रही है।
